तिरे दिल-जले को रखा जिस घड़ी
धुआँ सा उठा कुछ लब-ए-गोर से
“The heart that was burning with separation, in that moment A smoke rose from the lips of the beloved.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जिस पल में तेरा दिल जल रहा था, उसी पल तुम्हारे महबूब के होंठों से धुएँ की तरह कुछ निकल आया।
विस्तार
यह शेर इश्क़ के उस नशीले दर्द को बयां करता है। शायर कहते हैं कि जब महबूब का दिल जल रहा था, तब उनके होंठों से जो कुछ भी निकला... वो धुएं जैसा था। इसका मतलब है कि महबूब की बातें या उनका बोलना ही इतना असरदार है कि वह दर्द और सुकून दोनों देता है। हर लफ़्ज़ में एक कशिश है!
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