मिरी ख़ाक-ए-तफ़्ता पर ऐ अब्र-ए-तर
क़सम है तुझे टक बरस ज़ोर से
“By my dust, O cloud of sorrow, I swear to you, That I will rain upon you with full force.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे तख़्त की धूल पर, ऐ ग़म के बादल, मैं क़सम खाता हूँ कि मैं तुझ पर पूरी ताक़त से बरसना।
विस्तार
यह शेर एक गहरे समर्पण और विरह की कहानी कहता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर यहां हवा या गुज़रते बादल को संबोधित कर रहे हैं। वो कह रहे हैं कि मेरे अवशेषों पर इतनी ज़ोर से गुज़रना कि मेरी यादें भी ज़मीन से उखड़ जाएँ। यह सिर्फ़ एक गुज़ारिश नहीं है, बल्कि उस इश्क़ की गहराई है जो मृत्यु के बाद भी ज़िंदा रहना चाहता है।
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