कहाँ तक दूर बैठे बैठे कहिए — मीर तक़ी मीर
“Tell me, how far away you sit, tell me, Perhaps you might call us too, who sit nearby.”
अर्थ
कहाँ तक दूर बैठे बैठे कहिए, कभू तो पास हम को भी बुला ले। इसका शाब्दिक अर्थ है कि आप बता दें कि आप कितनी दूर बैठे हैं, और शायद आप पास बैठे हम सबको भी कभी बुला लें।
विस्तार
यह शेर उस बेचैनी को बयां करता है जब कोई महबूब बस दूर से याद किया जाता है। शायर कहते हैं कि बस 'कहाँ तक' दूर बैठकर बात की जाए! दिल तो ये चाहता है कि वो एहसास, वो नज़दीकी... बस एक बार पास बुला ले। यह सिर्फ़ दूरी की बात नहीं है, यह दिल की उस पुकार की बात है जो बस एक इकरार का इंतज़ार कर रही है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
