क़फ़स में 'मीर' नहीं जोश दाग़ सीने पर
हवस निकाली है हम ने भी गुल के मौसम की
“In a cage, 'Mir' is not like Josh, staining the chest, We too have unleashed our desires in this blooming season.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
क़फ़स में 'मीर' नहीं जोश दाग़ सीने पर हवस निकाली है हम ने भी गुल के मौसम की
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ इश्क़ की बात नहीं करता, बल्कि आज़ादी की बात करता है। शायर कहते हैं कि उनका जज़्बा किसी के साये में नहीं है.... न ही वह किसी क़ैद में है। उनकी अपनी हवस, उनका अपना जुनून... वह तो बस गुल के मौसम की तरह खिलकर बाहर आया है! यह अपनी पहचान को स्थापित करने का एक बहुत ही शानदार तरीका है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
← Prev7 / 7
