Sukhan AI
दिन-रात मेरी आँखों से आँसू चले गए
बरसात अब के शहर में सारे बरस रही

Tears have flowed from my eyes day and night, The rain is now falling over this city.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

दिन-रात मेरी आँखों से आँसू बह गए, और अब यह शहर पूरी तरह से बरसात में डूबा हुआ है।

विस्तार

यह शेर बहुत ही गहरा अहसास बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर ने अपनी निजी उदासी को प्रकृति से जोड़ा है। वह कहते हैं कि मेरी आँखों से आँसू दिन-रात बह चुके हैं, और अब तो सारा शहर ही बरस रहा है। यह सिर्फ एक संयोग नहीं है; यह शहर की बारिश उस दर्द का आईना है, जो शायर के दिल में बहुत गहरा उतर चुका है। यह उस ग़म को बयान करता है जो सहा जा सके, लेकिन शायद सहा नहीं जा रहा।

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