Sukhan AI
लुत्फ़-ए-क़बा-ए-तंग पे गुल का बजा है नाज़
देखी नहीं है उन ने तिरी चोली चस रही

On the shawl of your beauty, the flower has played with grace, They have never seen your waist, which is so sweet to gaze.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

तेरे सौंदर्य की तंग ओढ़नी पर फूल ने नज़ाक से नाज़ किया है; उन्होंने कभी तुम्हारी कमर नहीं देखी जो देखने में इतनी मीठी है।

विस्तार

यह शेर महबूब के छुपे हुए हुस्न और उसके गहरे आकर्षण को बयान करता है। शायर कहते हैं कि महबूब का सौंदर्य इतना है कि वह क़बा पर भी गुलों का नाज़ दिखा रहा है। लेकिन असली बात तो वो 'चोली' है जो गीली है... जिसे किसी ने देखा ही नहीं। यह महज़ बाहरी सुंदरता की बात नहीं है... यह उस अंतरंगता की बात है जो सिर्फ़ महबूब और आशिक़ के बीच होती है!

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app