ब-रंग-ए-सौत-ए-जरस तुझ से दूर हूँ तन्हा
ख़बर नहीं है तुझे आह कारवाँ मेरी
“The color of your voice, oh Zarras, I am alone, far away, You have no knowledge of my sighing caravan.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हे जरस, तुम्हारी आवाज़ के रंग को लेकर, मैं तुमसे दूर और अकेला हूँ। तुम्हें मेरी आह से भरी यात्रा का कोई ज्ञान नहीं है।
विस्तार
यह शेर दिल की तन्हाई और अंदरूनी दर्द को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि भले ही मैं महफ़िल की रौनक, संगीत की मधुरता से दूर हूँ.... लेकिन आप को इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं है कि मेरे दिल में क्या गुज़र रहा है। यह वो दर्द है जो किसी को दिखाई नहीं देता।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
