रही न-गुफ़्ता मिरे दिल में दास्ताँ मेरी
न उस दयार में समझा कोई ज़बाँ मेरी
“The tale of my heart remains untold, in that abode no one understood my tongue.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे दिल की दास्तान अभी भी अनकही है, और उस दुनिया में मेरी कोई भाषा समझ नहीं पाई।
विस्तार
यह शेर दिल के एक गहरे अकेलेपन को बयान करता है। शायर कहते हैं कि उनकी असली कहानी, उनका पूरा दास्ताँ, उनके दिल में ही क़ैद है। उन्हें लगता है कि जिस दुनिया में वो रहे, वहाँ कोई भी उनकी आत्मा की भाषा को समझ नहीं पाया। यह बेबस महसूस करने, अनदेखे रह जाने का एक दर्द भरा इज़हार है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
1 / 11Next →
