क्यूँ न हूँ ख़स्ता भला मैं कि सितम के तेरे
तीर हैं पार कई वार हैं सोफ़ार कई
“Why shouldn't I be well, when your arrows of cruelty are countless, and your strikes are manifold?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैं भला क्यों न हूँ, जब तुम्हारे सितम के तीर पार कई वार हैं।
विस्तार
यह शेर एक गहरे दर्द और उससे उपजी हिम्मत को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि वो कोई नाज़ुक इंसान नहीं हैं। उन्हें अपनी हिम्मत पर शक करने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि महबूब के सितम के तीर उन्हें पहले ही कई बार झेल चुके हैं। यह एक तरह का आत्म-विश्वास है... एक जंग जीतने का एलान!
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
