अपने कूचे में निकलयो तो सँभाले दामन
यादगार-ए-मिज़ा-ए-'मीर' हैं वाँ ख़ार कई
“When you step out into your own alleyway, The memories of Mir's temperament are thorns there.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब तुम अपने ही रास्ते पर निकलोगे, तो तुम्हें वहाँ कई कांटे मिलेंगे, जो मीर के मिज़ाज की याद दिलाते हैं।
विस्तार
यह शेर जुदाई के गहरे दर्द और यादों के काँटों को बयां करता है। शायर यहाँ एक बहुत ही नाजुक पल की बात कर रहे हैं—जब दिल को लगता है कि अब मेरा रास्ता अलग होने वाला है। वे कहते हैं कि मेरा हाथ थामे रहना, क्योंकि 'मीर' के मिज़ाज की यादें... वो काँटों से भरी हैं। यह सिर्फ एक विदाई नहीं है, यह एक दर्द भरी चेतावनी है।
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