उस मह के जल्वे से कुछ ता 'मीर' याद देवे — मीर तक़ी मीर
“From the charm of that beloved, some memories of 'Mir' are evoked, In today's homes, we have sown all the moonlight.”
अर्थ
उस मह के जादू से कुछ ता 'मीर' की याद आ गई, और अब हमने सबके घरों में चाँदनी बिछा दी है।
विस्तार
यह शेर यादों की ताक़त को बयान करता है। शायर कहते हैं कि वो महबूब का जादू आज भी इतना असरदार है कि 'मीर' को कुछ याद दिलाता है। वो इस बात पर ज़ोर देते हैं कि उन्होंने आज के घरों में चाँदनी तो बो दी है, लेकिन उस पहले के, गहरे एहसास को फिर से जगाना नामुमकिन है। यह एक बहुत ही गहरा तसव्वुर है जो समय और मोहब्बत के रिश्ते को समझाता है।
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