कल 'मीर' जो याँ आया तौर इस का बहुत भाया
वो ख़ुश्क-लबी तिस पर जामा गले में आबी
“Yesterday, 'Mir,' when I came here, I liked this style very much, But that dry-lipped woman has draped a garment around her neck.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
कल जब मैं यहाँ आया, तो मुझे इस तरह का तौर-तरीका बहुत अच्छा लगा, लेकिन वह सूखी-होंठ वाली औरत ने अपने गले में एक कपड़ा डाल रखा है।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा के गहरे अवलोकन को दिखाता है। शायर किसी ख़ूबसूरत नज़ारे को देखकर अपनी भावनाएँ व्यक्त कर रहे हैं। वे एक ऐसे आकर्षण का वर्णन करते हैं, जहाँ नज़रों को एक ख़ास तरह का नशा होता है। यह सिर्फ़ देखना नहीं है, बल्कि उस नज़ारे की गहराई को महसूस करना है, जो एक पल में पूरी कायनात सा लगने लगता है। यह इश्क़ की एक नज़ाकत भरी इबारत है।
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