Sukhan AI
जागा है कहीं वो भी शब मुर्तकिब-ए-मय हो
ये बात सुझाती है उन आँखों की बे-ख़्वाबी

Somewhere, perhaps, that too is a companion of wine, This tale is hinted by the carelessness of those eyes.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

कहीं वो भी शब-ए-मय का मुर्तकिब होगा, यह बात उन आँखों की बे-ख़्वाबी से पता चलती है।

विस्तार

यह शेर महज़ शराब के नशे की बात नहीं करता, बल्कि रूह के नशे की बात करता है। शायर कहते हैं कि जब आप किसी की आँखों में वो बे-ख़्वाबी देखते हैं... तो यह एहसास होता है कि सामने वाला भी कहीं न कहीं किसी जुनून, किसी मय-ख़ुमारी में डूबा हुआ है। यह एक गहरे, अनकहे जुड़ाव का इज़हार है, जो हमें एहसास कराता है कि इश्क़ में हम सब एक ही साए में जीते हैं।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.