“My path of love has become entangled with injustice, 'Meer', if I left, I would follow my own way.”
यह प्रेम का मार्ग मुझ से अन्यायपूर्ण रूप से उलझ गया है; मीर कहता है कि यदि मैं जाता, तो अपना रास्ता ही चुनता।
यह शेर इश्क़ की उलझन और आत्म-सम्मान की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि ये इश्क़ का रास्ता मेरे लिए इतना उलझ गया है कि मैं समझ नहीं पा रहा। लेकिन दूसरी लाइन में एक गहरी बात है— अगर आपको जाना ही था, तो क्यों अपनी राह नहीं बनाई? यह दिल टूटने की नहीं, बल्कि स्वाभिमान की बात है, जब किसी को अपने दर्द का अहसास न हो।
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