लुत्फ़ मुझ में भी हैं हज़ारों 'मीर' — मीर तक़ी मीर

लुत्फ़ मुझ में भी हैं हज़ारों 'मीर' दीदनी हूँ जो सोच कर देखो

“Thousands of graces reside within me, O Meer, If you only try to see me, observe me.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

मेरे अंदर भी हज़ारों तरह की कृपाएँ हैं, ओ मीर; बस सोचकर मुझे देखना।

विस्तार

यह शेर सिर्फ़ खूबसूरती की बात नहीं करता, बल्कि यह एक गहरे आत्मविश्वास को बयान करता है। शायर मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि मुझमें हज़ारों लुत्फ़ हैं—ये सिर्फ़ बाहरी नहीं, बल्कि रूहानी आबोहवा भी है। और दूसरी लाइन, 'जो सोच कर देखो,' एक तरह की चुनौती है! ऐसा लगता है जैसे शायर कह रहे हों कि मेरी तारीफ़ करना आसान नहीं, इसके लिए आपको दिल से देखना पड़ेगा। यह इश्क़ की गहराई को दर्शाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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