हुए थे जैसे मर जाते पर अब तो सख़्त हसरत है
किया दुश्वार नादानी से हम ने कार-ए-आसाँ को
“It was as if we were dying, but now there is a strong yearning That from heedlessness, we made difficult what was easy.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
पहले ऐसा था जैसे मरने वाले हों, पर अब तो बहुत तीव्र लालसा है। हमने नादानी से जो काम आसान था, उसे मुश्किल बना दिया।
विस्तार
ये शेर इंसान के उस दर्दनाक विरोधाभास को बयां करता है। शायर कहते हैं कि एक समय ऐसा आया जब वो मौत के मुहाने पर थे.... लेकिन जब खतरा टल गया, तो एक सख़्त हसरत ने जगह ले ली। और इसी हसरत ने, नादानी से, उनके लिए जो आसान रास्ता था.... उसे दुश्वार बना दिया! यह जीवन की उलझन है।
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