गुल-ओ-सर्व-ओ-समन गिर जाएँगे मत सैर-ए-गुलशन कर
मिला मत ख़ाक में उन बाग़ के रा'ना जवानाँ को
“Do not wander through the gardens of roses, nor the scented ones, nor the fragrant ones; do not approach the youthful lords of those gardens, who are mixed with the dust.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
गुल-ओ-सर्व-ओ-समन गिर जाएँगे मत और बाग़ की सैर मत करो; उन बागों के नौजवान मालिकों से धूल में मिलना मत।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ एक चेतावनी नहीं है, बल्कि जीवन की नश्वरता का एहसास है। शायर कह रहे हैं कि जब फूल, पत्ते और पंखुड़ियाँ गिर रही हों, तो उस बाग़ में भटकना मत। और सबसे ज़रूरी बात... उस बाग़ के खूबसूरत, जवान लोगों से मिलना भी मत। यह एहसास दिलाता है कि जो चीज़ें बहुत सुंदर होती हैं, उनका साथ हमेशा नहीं रह सकता।
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