तन के मामूरे में यही दिल-ओ-चश्म
घर थे दो सो ख़राब हैं दोनों
“In the chamber of the body, this heart and eyes reside, Both houses are so ruined, they are bad.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शरीर के आशियाने में ये दिल और नयन बसे हैं, दोनों ही घर इतने ख़राब हैं कि ये दोनों ही बुरे हैं।
विस्तार
देखिए, यह शेर सिर्फ़ नुकसान की बात नहीं करता। शायर यहाँ अपनी आत्मा की बात कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि इंसान के अंदर, दिल और आँखें... ये दोनों ही हिस्से टूटे हुए हैं। यह एक बहुत गहरा इक़रार है, कि मोहब्बत और ज़िंदगी ने हमें अंदर से कितना ख़राब कर दिया है। यह टूटन किसी और की नहीं, बल्कि खुद की है!
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