Sukhan AI
कुछ पूछो कि आतिश-ए-ग़म से जिगर-ओ-दिल कबाब हैं दोनों

Do not ask about the flames of sorrow, for both the heart and the liver are roasted kababs.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

कुछ न पूछो कि ग़म की आग से जिगर और दिल दोनों कबाब हो गए हैं।

विस्तार

यह शेर दर्द की उस गहराई को बयां करता है, जो सिर्फ़ दिल तक सीमित नहीं होती। जब ग़म की आग (आतिश-ए-ग़म) लगती है, तो वह न सिर्फ़ दिल को, बल्कि जिगर को भी जला देती है। कबाब होने का मतलब है कि ये अंग इतने नाज़ुक हैं कि दर्द की हल्की सी आंच भी इन्हें पूरी तरह भस्म कर सकती है। यह दर्द की चरम सीमा का वर्णन है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.