रोना आँखों का रोइए कब तक
फूटने ही के बाब हैं दोनों
“How long will you weep with your eyes? Both are destined to burst.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
आँखों से रोना बंद करो, दोनों ही फूटने वाले हैं।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर की गहरी और दर्द भरी नज़्म है। शायर पूछ रहे हैं कि आप आँखों से रोना कब तक जारी रखेंगे? दूसरी पंक्ति कहती है कि दोनों ही—आँखों का रोना और दिल का दर्द—अब बस फूटने ही वाले हैं। यह एक ऐसा एहसास है जब दुःख अपने चरम पर पहुँच जाता है और इंसान बस टूट ही जाता है।
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