लब तिरे लाल-ए-नाब हैं दोनों
पर तमामी इ'ताब हैं दोनों
“Both your lips are red like the river, / Yet both are filled with endless sorrow.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
तुम्हारे दोनों होंठ नदी के लाल जैसे हैं, पर दोनों ही अनंत पीड़ा से भरे हैं।
विस्तार
यह शेर प्रेम की एक बहुत गहरी और कड़वी सच्चाई बयान करता है। शायर कहते हैं कि आपके होंठ न सिर्फ़ लाल और खूबसूरत हैं, बल्कि उनमें एक दर्द भी समाया हुआ है। यह इश्क़ के उस विरोधाभास को दिखाता है, जहाँ सबसे बड़ी सुंदरता भी गहरे ग़म या तकलीफों को छुपाए रखती है।
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