तंगी इस जा की नक़ल क्या करिए
याँ से वाजिब है इंतिक़ाल हमें
“What use is imitating this hardship? We must depart from here, it is necessary.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इस जीवन की नक़ल क्या करना? यहाँ से हमारा जाना ज़रूरी है।
विस्तार
यह शेर ज़िंदगी के गहरे बोझ और थकान को बयां करता है। शायर पूछते हैं कि इस दुनिया की तंगी का अनुकरण क्यों किया जाए? इसका मतलब है कि जब जीवन का संघर्ष बहुत भारी हो जाए, तो उससे दूर जाना, उससे निकल जाना ही सबसे स्वाभाविक और वाजिब कदम होता है। यह एक तरह से, दुनिया की भीड़ से अकेले सुकून की तलाश है।
