पछताइए न क्यूँकर जी इस तरह से दे कर
ये गौहर-गिरामी हम मुफ़्त खो चले हैं
“Don't make me regret it, Kuṅkar ji, by doing this; we have lost these valuable gems for free.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
क्यूँकर जी, इस तरह से करके आप मुझे पछताना न दें, क्योंकि ये कीमती हीरे-जवाहरात हम मुफ़्त में खो चुके हैं।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरा है। शायर जी कहते हैं कि आप इस नुकसान पर पछताइए मत। यह गौहर-गिरामी, यानी ये जो खूबसूरत चीज़ें हाथ से फिसल गईं, इन्हें हमने मुफ़्त में खो दिया। मतलब ये है कि जिस चीज़ को आप खोकर इतना याद कर रहे हैं, वो तो बस इतनी आसानी से चली गई कि उस पर गम करना ही बेकार है। यह जीवन की अनिश्चितता को समझाता है।
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