“Oh friend, there is a bond/connection regarding the roaming of the head (or the heart), a love that is filling the entire sky.”
यारब! कोई तो वास्ता सर-गश्तगी का है, ये इश्क़ भर रहा है तमाम आसमान में। (हे दोस्त, क्या इस इश्क़ का आसमान में फैलने का कोई कारण है?)
यह शेर उस इश्क़ की गहराई को बयां करता है जो इतना बड़ा है कि मानो पूरे आसमान को भर दे। शायर इस प्रेम की विशालता को देखकर हैरान हैं, और अब वह एक सवाल पूछते हैं। वह पूछते हैं कि क्या इस सैलाब भरे प्यार का कोई वजूद है? कोई नज़रिया है? यह सवाल सिर्फ़ मुहब्बत तक सीमित नहीं है, यह तो एक रूहानी तसल्ली की तलाश है।
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