नामे को चाक कर के करे नामा-बर को क़त्ल
क्या ये लिखा था 'मीर' मरी सर-नविश्त में
“To write the name, and kill the name-bearer, Was this what you wrote, 'Meer,' in my fate's scripture?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
नाम (नाम) को चाक करके नामा-बर (नाम लिखने वाले) को क़त्ल करना, क्या यह बात 'मीर' ने मेरे भाग्य के ग्रंथ में लिखी थी?
विस्तार
यह शेर आत्म-विनाश और नियति के चक्र को दर्शाता है। शायर कहते हैं कि कभी-कभी किसी चीज़ को परिभाषित करने या उसका नामकरण करने से ही उसका अंत हो जाता है। वह सवाल करते हैं कि क्या यह खुद को नुकसान पहुँचाना—यानी कला को उसी कलाकार द्वारा खत्म करना—उनकी अपनी लिखी हुई किस्मत थी। यह रचना और विनाश के बीच एक गहरा और दर्द भरा चिंतन है।
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