अगर उठेंगे इसी हाल से तो कहियो तू — मीर तक़ी मीर
“If we rise in this very state, then you say, On the Day of Judgment, none will seek your pardon.”
अर्थ
अगर हम इसी अवस्था में उठेंगे, तो तुम कह देना कि कयामत के दिन कोई भी तुमसे माफ़ी नहीं मांगेगा।
विस्तार
यह शेर मोहब्बत की एक गहरी घोषणा है। शायर कहता है, "अगर मैं इसी हाल में, यानी तुमसे प्रेम करते हुए ही दुनिया से उठूँगा, तो फिर कयामत के दिन मुझे किसी और की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। मैं खुद तुम्हें ही अपना वकील बनाऊँगा, अपनी तरफ से दलीलें पेश करने वाला।" यह प्रेमी के अटूट समर्पण को खूबसूरती से दर्शाता है, जहाँ उनका प्रेम इतना गहरा है कि वह आखिरत में भी उनकी वकालत करेगा। इसमें यह भाव है कि उनकी भक्ति और प्रेम की शुद्धता ही उनके लिए मुक्ति या दया का ज़रिया बनेगी, जिससे महबूब ही उनका सीधा सहारा बन जाएगा। यह एक ऐसे जुनून का प्रमाण है जो मृत्यु के बाद भी कायम रहता है।
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