मुद्दआ' जो है सो वो पाया नहीं जाता कहीं — मीर तक़ी मीर
मुद्दआ' जो है सो वो पाया नहीं जाता कहीं
एक आलम जुस्तुजू में जी को अपने खो गया
“The wish that is desired, cannot be found anywhere, In the quest for a world, my life has been lost.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जो इच्छा है, वह कहीं मिल नहीं पाती। एक दुनिया की खोज में, अपना जीवन खो गया।
विस्तार
यह शेर जीवन के सबसे गहरे सच को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि जो चीज़ हम दुनिया में ढूंढते हैं—वो कोई एक 'मुद्दआ'—वो कहीं नहीं मिलती। बल्कि, उस चीज़ को पाने की जो हम ज़बरदस्त तलाश करते हैं, उसी तलाश में हम अपना 'जी' खो बैठते हैं। यह एक बहुत ही गहरा एहसास है कि शांति बाहर नहीं, बल्कि अंदर खोजनी पड़ती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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