तिनके भी तुम ठहरते कहीं देखे हैं तनिक
चश्म-ए-वफ़ा रखो न ख़सान-ए-जहाँ से तुम
“Even the smallest strands of hair, I have seen them settle somewhere; keep your mirror of loyalty, lest you lose the whole world.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैंने कहीं भी तिनके भी ठहरते देखा है; अपनी वफ़ा की नज़रों को रखना, वरना तुम पूरी दुनिया से महरूम हो जाओगे।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ शब्दों का खेल नहीं है, यह तो ज़िंदगी जीने का फ़लसफ़ा है। शायर कह रहे हैं कि आपने देखा है न... कि तिनके भी कहीं ठहर जाते हैं। यानी, चाहे हालात कितने भी बिगड़े हों, वफ़ा का एक ठिकाना ज़रूर होता है। इसलिए, दुनिया की तबाही में भी, अपने ईमान और अपने वफ़ादारी की नज़र को कभी नहीं खोना।
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