हम अपनी चाक जेब को सी रहते या नहीं
फाटे में पाँव देने को आए कहाँ से तुम
“Whether we keep our pocket shut or not, From where have you come to give your foot to a tear?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
चाहे हम अपनी जेब को सिलकर रखें या न रखें, आप फटे में पैर रखने के लिए कहाँ से आए हैं।
विस्तार
यह शेर आत्म-सम्मान और अपनी स्थिति को लेकर एक गहरा सवाल है। शायर कहते हैं कि हमारी टूटी हुई जेब को सिलना है या नहीं, यह तो हमारा अपना फ़ैसला है। लेकिन जब वह कहते हैं कि 'फ़टे में पाँव देने को आए कहाँ से तुम?'... तो वह प्रेम में भी एक हद तय कर रहे हैं। यह एक चुनौती है—कि भले ही हम मुश्किल में हों, लेकिन आपका सहारा लेने का अधिकार आप लोगों को कहाँ से मिला?
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