देखा जो राह जाते तबख़्तुर के साथ उसे
फिर मुझ शिकस्ता-पा से न इक-दम रहा गया
“When I saw him going with the Tabkstur, I was instantly overcome with sorrow.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब मैंने उसे तबख़्तुर के साथ जाते देखा, तो मैं तुरंत उदास हो गया।
विस्तार
यह शेर जुदाई के सबसे गहरे दर्द को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि जब उन्होंने महबूब को एक लिबास (तख़्तुर) के साथ जाते देखा, तो सबसे बड़ी तकलीफ यह थी कि उसने मुड़कर नहीं देखा। यह उस दर्द को दर्शाता है जब आप दिल टूटे हुए होते हैं, और सामने वाला आपको पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
