ऐ गर्द-बाद मत दे हर आन अर्ज़-ए-वहशत — मीर तक़ी मीर

ऐ गर्द-बाद मत दे हर आन अर्ज़-ए-वहशत मैं भी कसू ज़माने इस काम में बला था

“Do not give the burden of worry to every heart, oh, the plea of despair; I too was once afflicted by the whims of time in this endeavor.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

ऐ गर्द-बाद, हर आन पर ये वेशहठ का अर्ज़ मत दे; मैं भी कभी ज़माने के इस काम में बला था।

विस्तार

यह शेर बहुत गहरा है, यह अनुभव और सहानुभूति की बात करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर यहाँ गुजरते हुए लोगों से कह रहे हैं कि हर पल को मातम में मत बदल देना। वह हमें याद दिलाते हैं कि वह भी कभी इस दुनिया के संघर्षों से गुज़रे हैं। यह एक कोमल मगर दमदार अपील है: अपने दर्द को पहचानो, क्योंकि आप कभी अकेले नहीं हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.