गर परस्तिश ख़ुदा की साबित की
किसू सूरत में हो भला है इश्क़
“How can one prove the power of God's grace, When love is found in every face?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अगर ख़ुदा की परस्तिश साबित की जाए, तो भला प्रेम किस सूरत में है।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर का एक बहुत गहरा तफ़कर है। शायर पूछ रहे हैं कि अगर हमने ख़ुदा की इबादत को अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा साबित कर दिया है, तो फिर किस नज़ारे में, किस खूबसूरती में इश्क़ अच्छा हो सकता है? इसका मतलब है कि जब आपका दिल रब से मुहब्बत करने में लग जाए, तो दुनियावी इश्क़ की क्या जगह रह जाती है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
