कुछ तो कह वस्ल की फिर रात चली जाती है — मीर तक़ी मीर
कुछ तो कह वस्ल की फिर रात चली जाती है
दिन गुज़र जाएँ हैं पर बात चली जाती है
“Something about the night of union is said, and then the night passes; the days have passed, but the conversation continues.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
वस्ल की रात के बारे में कुछ कहा जाता है, और फिर रात गुजर जाती है; दिन बीत गए हैं, लेकिन बातें चलती रहती हैं।
विस्तार
यह शेर उस गहरे एहसास की बात करता है, जो शब्दों में बयां नहीं हो पाता। शायर कह रहे हैं कि वस्ल (मिलन) की बात... कुछ तो रह जाती है जो अनकही है। दिन तो गुज़र जाते हैं, वक़्त निकल जाता है, लेकिन दिल की बात... वह हमेशा ज़िंदा रहती है। यह है दिल की उस उलझन का बयान।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
1 / 10Next →
