दिल किस तरह न खींचें अशआ'र रेख़्ते के
बेहतर क्या है मैं ने उस ऐब को हुनर से
“How can I not pull the poetry's threads of the heart? / What is better than the flaw I have crafted with skill?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर के दिल को किस तरह न खींचूँ अशआर के रेखते से? क्या बेहतर है उस दोष को हुनर से सजाना?
विस्तार
यह शेर कला की मादक शक्ति को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर पूछते हैं कि दिल शायरी के धागों से कैसे बच सकता है? और फिर एक गहरा दावा करते हैं: अपने अंदर की खामियों या कमज़ोरियों को नकारने के बजाय, उन्होंने उन्हें एक हुनर में बदल दिया है। यह आत्म-स्वीकृति और कलाकार की उस अद्भुत क्षमता का जश्न है, जिसमें वह अपनी कमियों में भी खूबसूरती ढूंढ लेता है।
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