है अब्र की चादर शफ़क़ी जोश से गुल के
मयख़ाने के हाँ देखिए ये रंग हवा का
“The curtain of the cloud is now stirred by the passion of Josh; behold, the colors of the air in the tavern of flowers.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
बादलों की चादर शफ़क़ी जोश से हिल रही है; देखो, फूलों के मयख़ाने में हवा के रंग।
विस्तार
ये शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर ने माहौल की नज़ाकत को बयां किया है। 'अब्र की चादर' यानी बादलों का पर्दा, जो अब शफ़क़ी जोश (सुबह की ताज़गी और जुनून) से जगमगा उठा है। 'गुल का मयख़ाना' जीवन के रंग हैं। शायर कह रहे हैं कि देखिए.... ये हवा अपने साथ क्या रंग लेकर आई है! यह रंग सिर्फ़ हवा का नहीं, बल्कि हमारे दिल के बदलते एहसास हैं।
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