जिस को देखा हम ने इस वहशत-कदे में दहर के
या सिड़ी या ख़ब्ती या मजनून या दीवाना था
“The one whom we saw in this wild state of the world, Was either a scholar, a courtesan, a madman, or a fool.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जिस व्यक्ति को हमने इस जंगली या पागलपन भरी दुनिया में देखा, वह या तो एक विद्वान था, या एक नर्तकी, या एक पागल, या एक दीवाना था।
विस्तार
यह शेर इंसान के वजूद की जटिलता को बयान करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर एक ऐसे व्यक्ति को देख रहे हैं जो दुनिया के वीराने में है। शायर सवाल करते हैं कि वह शख़्स कौन है—क्या वह सिर्फ़ एक साधारण वतनशील है, या एक आवारा, या एक पागल प्रेमी, या बस एक दीवाना? यह दिखाता है कि किसी की पहचान कभी भी सीधी नहीं होती, बल्कि हमेशा जुनून और भ्रम का मिश्रण होती है।
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