शोहरा-ए-आलम उसे युम्न-ए-मोहब्बत ने किया
वर्ना मजनूँ एक ख़ाक उफ़्तादा-ए-वीराना था
“The world's glory was given to him by the river of love; Otherwise, Majnu was just a dust-covered wanderer in ruin.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शोहरा-ए-आलम उसे युम्न-ए-मोहब्बत ने किया, वर्ना मजनूँ एक ख़ाक उफ़्तादा-ए-वीराना था। इसका अर्थ है कि दुनिया की शान उसे प्रेम की नदी ने दी; वरना मजनूँ बस एक धूल से सना हुआ वीरान भटकने वाला था।
विस्तार
Mir Taqi Mir यहाँ मुहब्बत की ताक़त पर बात कर रहे हैं। वो कहते हैं कि मजनूँ जो शोहरत और नज़ाकत लिए हुए है, वो उसकी अपनी कमाई नहीं है। यह शोहरत तो मोहब्बत की नद से मिली है। वरना, शायर कहते हैं कि वो तो बस एक धूल-मिट्टी से सना हुआ, वीरान राहगीर था। यह शेर बताता है कि इश्क़ इंसान को कैसे एक साधारण से अस्तित्व से उठाकर महफ़िल का हिस्सा बना देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
