रात उस की चश्म-ए-मयगूँ ख़्वाब में देखी थी मैं
सुब्ह सोते से उठा तो सामने पैमाना था
“I had seen her lovely eyes in my dreams that night, But when I woke up from sleep, I found only a mirror.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैंने रात को उसके मनमोहक नयन स्वप्न में देखे थे, लेकिन सुबह जब मैं नींद से उठा, तो सामने केवल एक दर्पण मिला।
विस्तार
यह शेर ख्वाब और हकीकत के बीच के दर्द भरे फासले को दिखाता है। शायर कहते हैं कि रात को तो उन्हें महबूब की मयगूँ आँखों का नज़ारा ख्वाब में मिला... लेकिन सुबह जब वे जागते हैं, तो सामने उन्हें सिर्फ एक आईना मिलता है। यह आईना सिर्फ़ आईना नहीं है, यह एक कड़वा सच है जो उन्हें याद दिलाता है कि वह सारी खूबसूरती, वह सब बस एक सपना थी। क्या दर्दनाक एहसास है!
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