शब फ़रोग़-ए-बज़्म का बा'इस हुआ था हुस्न-ए-दोस्त
शम' का जल्वा ग़ुबार-ए-दीदा-ए-परवाना था
“The splendor of the gathering was caused by the beauty of the friend, Or was it the glow of the lamp, caused by the dust of the moth's eye?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
दोस्त के हुस्न से महफ़िल का नूर हुआ या फिर परवाने की आँखों की धूल से दीये की चमक?
विस्तार
यह शेर सुंदरता की असीम शक्ति और उसके आकर्षण को दर्शाता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि महफ़िल की पूरी रौनक, वो पूरी रात का जश्न, महज़ दोस्त की खूबसूरती की वजह से हुआ था। और फिर वो कहते हैं कि दीये की चमक क्या है? वो तो बस पऱी से भरे पऱवाज़ (moth) की आँखों का गुबार है! यह बताता है कि जीवन की सबसे तेज़ चमक भी किसी साधारण, पर मोहक चीज़ से आती है।
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