टक शहर से निकल के मिरा गिर्या सैर कर — मीर तक़ी मीर
“Leaving the city, I wandered the mountains, As if the wilderness had been drenched in rain.”
अर्थ
शहर से निकलकर मैंने पहाड़ों में घूमना किया, ऐसा लगा जैसे कि जंगल में बारिश हो गई हो।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर ने दिल की गहरी भावना को बयान किया है। शायर कह रहे हैं कि बस शहर की चौहद्दी से निकलकर यूँ ही घूमना, ऐसा लगता है जैसे पहाड़ों और दश्त पर कोई बड़ी बरसात हो गई हो। इसका मतलब है कि जब दिल में कोई गहरा एहसास होता है, तो सबसे साधारण सा सफर भी कितना बड़ा और भावनात्मक हो जाता है। यह बस एक यात्रा नहीं, बल्कि रूह का सफ़र है।
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