मर्दुम-ए-दीदा-ए-तर मर्दुम-ए-आबी हैं मगर — मीर तक़ी मीर

मर्दुम-ए-दीदा-ए-तर मर्दुम-ए-आबी हैं मगर रहते हैं रोज़ ओ शब ओ शाम-ओ-सहर पानी में

“The soft touch of the eye's sight, the soft touch of the water, yet We live daily through the night and the day in the water.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

आँख की कोमलता और पानी की कोमलता है, पर हम रोज़ रात और दिन, शाम और सुबह पानी में रहते हैं।

विस्तार

यह शेर जीवन की एक गहरी सच्चाई को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि आँखों के निवासी और पानी के निवासी, ये सब तो बस बाहरी हैं। लेकिन वे रोज़-ओ-शब, शाम-ओ-सहर... हमेशा पानी में रहते हैं। शायर यहाँ एक गहरे उलझन भरे एहसास को दर्शा रहे हैं कि हम अक्सर उन चीज़ों में फँसे रहते हैं, जो हमें कभी भी छोड़कर जा सकती हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.