जोशिश-ए-अश्क से हूँ आठ पहर पानी में — मीर तक़ी मीर
“In the water of my tears, I am for eight cycles of time; / Though there are many dangers and perils in the water.”
अर्थ
आँसू की लहरों में मैं आठ पहर से हूँ; / हालाँकि पानी में बहुत ख़ौफ़ और ख़तरा है।
विस्तार
यह शेर एक ऐसी स्थिति का वर्णन करता है जहाँ शायर अपने ही आँसुओं के जोश में डूबा हुआ है। 'पानी' यहाँ सिर्फ़ पानी नहीं है, बल्कि भावनाओं का सैलाब है। वह कहते हैं कि वह आठ पहर (हमेशा) इस भावनात्मक तूफ़ान में है। और इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि इस तूफ़ान में कितने ख़ौफ़-ओ-ख़तर भरे हैं! यह गहरे और स्थायी दर्द को बयां करता है।
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