पूछ मत आह आशिक़ों की मआश — मीर तक़ी मीर

पूछ मत आह आशिक़ों की मआश रोज़ उन का भी शाम होता है

“Do not ask about the livelihood of lovers, For even theirs has an evening time.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

आशिक़ों की आजीविका के बारे में मत पूछो, क्योंकि उनका भी अंत समय होता है।

विस्तार

यह शेर बहुत गहरा है। मिर्ज़ा तक़ी मीर यहाँ कह रहे हैं कि आशिक़ों का दर्द या उनका जुनून कोई लगातार रहने वाली चीज़ नहीं है। उन्हें यह पूछना नहीं चाहिए कि आशिक़ों की हालत क्या है, क्योंकि हर दिन की तरह, उनके जुनून और दर्द का आलम भी एक शाम होता है—एक ठहराव आ जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.