सद कारवाँ वफ़ा है कोई पूछता नहीं
गोया मता-ए-दिल के ख़रीदार मर गए
“Who asks for the caravan of loyalty, it is none; / As if the buyers of the heart's condition are dead.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
वफ़ा का कारवाँ कोई पूछता नहीं, मानो दिल की बात के ख़रीदार मर गए।
विस्तार
यह शेर उस दर्द को बयां करता है जब आपका वफ़ा और आपकी मुहब्बत किसी को समझ नहीं आती। शायर कह रहे हैं कि आपने वफ़ा के सौ कारवाँ लगाए हैं, लेकिन कोई पूछता नहीं। असल बात तो यह है कि दिल की गहराई को समझने वाले लोग, वो ख़रीदार, वो दर्शक... वो सब मर चुके हैं। यह एक ऐसी तन्हाई है, जो वफ़ा के सबसे बड़े घाव की तरह होती है।
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