गर्म-रौ राह-ए-फ़ना का नहीं हो सकता पतंग
उस से तो शम्अ-नमत सर भी कटाया न गया
“The kite cannot be found on the path of non-existence, O warm-hearted one; even the lamp's wick could not be severed from it.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
गर्म-रौ, पतंग का मार्ग फ़ना (नाश) में नहीं हो सकता; उससे तो दीपक की बाती का सिर भी नहीं काटा जा सका।
विस्तार
यह शेर जीवन के गहरे रहस्यों और सीमाओं को छूता है। शायर कहते हैं कि कोई पतंग फ़ना के रास्ते पर नहीं उड़ सकती। इसका मतलब है कि कुछ अनुभव या रास्ते इंसानी समझ से परे होते हैं। और अगर शमा की नमत की रोशनी का सर भी काटा नहीं जा सका है, तो भला और क्या चीज़ है जो हमारे बस से बाहर हो!
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