सन्नाअ हैं सब ख़्वार अज़ाँ जुमला हूँ मैं भी
है ऐब बड़ा उस में जिसे कुछ हुनर आवे
“There is nothing but emptiness in every congregational prayer, and I am also nothing. The flaw is great in one who possesses any skill.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
सब जगह खालीपन है, और मैं भी एक खालीपन हूँ। वह बड़ी कमी है जिसमें किसी हुनर का होना।
विस्तार
यह शेर.... जीवन के गहरे दर्द और आत्म-संदेह की बात करता है। शायर कहते हैं कि सब कुछ.... चाहे वह कितना भी शानदार क्यों न हो, वह तो बस शब्दों का एक जमावड़ा है। लेकिन उनमें एक बड़ी कमी है.... उस इंसान में जिसे कोई हुनर आ जाए। यह एक बहुत ही उदास और गहरा तफ़कर है.... कि नश्वरता और अपूर्णता का दर्द क्या होता है।
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