ऐ वो कि तू बैठा है सर-ए-राह पे ज़िन्हार
कहियो जो कभू 'मीर' बला-कश इधर आवे
“Oh, how you are sitting on the path, a deadly lure, Say that never, 'Mir,' such an attractive danger will come here.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
ऐ! तुम रास्ते के बीच में एक घातक आकर्षण की तरह बैठे हो। कहना कि कभी 'मीर' यहाँ कोई बला-कश (मोहक) चीज़ लेकर आएगा।
विस्तार
यह शेर एक गहरे आत्म-संघर्ष को दिखाता है। शायर कह रहे हैं कि राह पर एक जाल बिछा है, और वह किसी से गुहार लगा रहे हैं कि जब भी वह खुद, जो कि मुसीबत को आकर्षित करने वाला है, उस जगह के पास आऊँ.... तो मुझे पहले ही बता देना। यह अपनी ही प्रेम में फँसने की उस हसरत और नियति को दर्शाता है!
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