दीवारों से सर मारते फिरने का गया वक़्त
अब तू ही मगर आप कभू दर से दर आवे
“The time has come to stop hitting walls, Now, only you, but never arrive at the door.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
दीवारों से सिर मारकर भटकने का समय बीत गया है। अब, तू ही मगर आप कभी द्वार से दर आवे।
विस्तार
यह शेर बड़ी शिद्दत से टूटे हुए दिल की बात करता है। शायर कहते हैं कि अब दीवारों से टकराकर या यूँ ही भटकते रहने का वक़्त नहीं बचा है। अब तो बस इंतज़ार है... कि आप खुद किसी दरवाज़े से, किसी गली से, हमारे पास आएं। यह महज़ एक शिकायत नहीं, बल्कि एक उम्मीद और समर्पण है।
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