मैं 'मीर' तर्क ले कर दुनिया से हाथ उठाया — मीर तक़ी मीर
“I, 'Mir', have taken the argument and raised my hand from the world; You, O dervish, are also in my right, so pray for me.”
अर्थ
मैं, 'मीर', तर्क लेकर दुनिया से हाथ उठा चुका हूँ; दरवेश, तू भी तो मेरे हक़ में है, इसलिए मेरे लिए दुआ कर।
विस्तार
यह शेर एक गहरे आत्मिक द्वंद्व को बयां करता है। जब शायर ने तर्क (logic) के सहारे दुनिया से खुद को अलग किया है, तो वह एक दरवेश से विनती करता है। वह कहता है कि मैं भले ही दुनिया से हाथ उठा लूं, लेकिन दरवेश का हक़ है कि वह दुआ करे। यह सिर्फ एक भावनात्मक अपील नहीं है, बल्कि यह स्वीकार करना है कि ज्ञान और तर्क के बाद भी, हमें इबादत और दुआ की ज़रूरत होती है।
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