मर गया आवारा हो कर मैं तो जैसे गर्द-बाद
पर जिसे ये वाक़िआ' पहुँचा उसे वहशत हुई
“Like a stray dog, if I should perish, I shall be mere dust, But to him who witnesses this event, it shall be a tragedy.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अगर मैं आवारा बनकर मर गया तो बस धूल बनकर रह जाऊंगा, लेकिन जिसे यह घटना देख लेगा, उसके लिए यह एक त्रासदी होगी।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरे अहसास को बयां करता है। शायर कहते हैं कि मेरा मर जाना, जैसे धूल का उड़ जाना है—यानी एक बहुत मामूली बात है। लेकिन आप सुनिए.... इस घटना की खबर ने जिसे पहुँचा, उसे जो ग़म हुआ, वह बहुत बड़ा था! यह बताता है कि कभी-कभी, हमारा वजूद नहीं, बल्कि हमारी यादें और हमारा अहसास ही किसी के लिए ज़िंदा रखते हैं।
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